केरल स्टोरी के सीक्वल को लेकर विवाद के बीच केंद्र सरकार ने केरल हाई कोर्ट में फिल्म के पक्ष में मजबूत दलील दी है। केंद्र ने कहा कि फिल्म को CBFC द्वारा सभी नियमों के तहत प्रमाणित किया गया है और इससे सार्वजनिक व्यवस्था या राज्य की छवि को कोई खतरा नहीं है।
सरकार की ओर से पेश वकील अर्जुन वेणुगोपाल ने कोर्ट को बताया कि फिल्म एक काल्पनिक कहानी है, जो वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है। इसमें किसी समुदाय या राज्य को बदनाम करने का उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म को विशेषज्ञों की समिति ने जांच के बाद ही सर्टिफिकेट दिया है।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि फिल्म में भड़काऊ और गलत चित्रण किया गया है, जिससे समाज में तनाव बढ़ सकता है। हालांकि, कोर्ट ने भी फिल्म की कुछ सामग्री पर सवाल उठाए और फिल्म निर्माताओं को जल्दबाजी न करने की सलाह दी।
केंद्र ने साफ कहा कि संविधान के तहत रचनात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुरक्षित है और बिना ठोस कारण के इसे रोका नहीं जा सकता। अब कोर्ट के अंतिम फैसले पर सभी की नजर है।

