जंतर-मंतर में छात्रों एवं महिलाओं के साथ हुई कथित बर्बरता की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई – सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत

जंतर-मंतर में छात्रों एवं महिलाओं के साथ हुई कथित बर्बरता की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई – सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत

 

मनेंद्रगढ़, कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद  ज्योत्सना चरणदास महंत ने दिल्ली के जंतर-मंतर में 20 जुलाई को आयोजित सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान सामने आए घटनाक्रम को अत्यंत गंभीर बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पूरे मामले की तत्काल, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।

 

सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वीडियो एवं दृश्य साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर निहत्थे नागरिकों, विशेषकर छात्रों एवं युवाओं, के साथ गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक चिंताजनक तथ्य महिलाओं एवं छात्राओं के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का है। वायरल वीडियो में वर्दीधारी पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं के साथ मारपीट करते हुए दिखाई देने तथा घटना के बाद कुछ अधिकारियों के हँसते हुए दिखाई देने की घटनाएं अत्यंत शर्मनाक, अस्वीकार्य एवं पुलिस व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं।

 

सांसद महंत ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि घटना के दौरान सादे कपड़ों में कुछ ऐसे व्यक्ति भी मौजूद थे, जिनके पास न तो कोई पहचान-पत्र था, न वर्दी और न ही उनकी कोई आधिकारिक पहचान स्पष्ट थी, लेकिन वे हाथों में डंडे लेकर प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि बिना किसी आधिकारिक पहचान वाले व्यक्तियों का भीड़ नियंत्रण में उपयोग पुलिस प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है तथा नागरिकों के मन में भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न करता है।

 

उन्होंने कहा कि वीडियो के आधार पर कुछ नागरिक इन सादे कपड़ों में दिखाई देने वाले व्यक्तियों की पहचान करने का दावा कर रहे हैं तथा कुछ नाम भी सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में पूरे मामले का आधिकारिक स्पष्टीकरण और निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है, ताकि सत्य देश के सामने आ सके और किसी भी प्रकार की भ्रांति समाप्त हो।

 

सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से मांग की है कि महिलाओं के साथ कथित मारपीट करने वाले तथा घटना के दौरान अमानवीय व्यवहार करने वाले संबंधित वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की तत्काल पहचान कर उन्हें निलंबित किया जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि भीड़ नियंत्रण के लिए सादे कपड़ों में व्यक्तियों की तैनाती किसके आदेश से की गई तथा संबंधित आदेशों को सार्वजनिक किया जाए। वीडियो में हिंसा करते दिखाई देने वाले सभी सादे कपड़ों वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा भविष्य में किसी भी सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान बिना स्पष्ट पहचान वाले व्यक्तियों की तैनाती पर रोक लगाने हेतु कड़े संचालन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

 

सांसद महंत ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जनता के पुलिस प्रशासन पर विश्वास से ही संभव है। यदि नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों का शांतिपूर्ण ढंग से प्रयोग करते समय स्वयं को असुरक्षित महसूस करेंगे, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक स्थिति होगी। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस गंभीर प्रकरण में शीघ्र, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कर दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए, ताकि कानून के शासन और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जनता का विश्वास बना रहे।

By: Nilesh Kumar Tiwari

On: Wednesday, July 22, 2026 9:54 AM

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