कोरिया के जवाहर नवोदय विद्यालय की पंडवानी प्रस्तुति राष्ट्रीय कला उत्सव के लिए चयनित
क्षेत्रीय कला उत्सव में प्रथम स्थान हासिल कर विद्यार्थियों ने बढ़ाया जिले का मान, छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर मिलेगी पहचान
कोरिया। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, कोरिया के विद्यार्थियों ने शानदार उपलब्धि हासिल की है। विद्यालय की पंडवानी पर आधारित प्रस्तुति ने क्षेत्रीय कला उत्सव में प्रथम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। इस उपलब्धि से विद्यालय सहित पूरे जिले में हर्ष का माहौल है।
कला उत्सव 2026-27 के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में चित्रकला, मूर्तिकला, स्वदेशी खिलौना निर्माण, पारंपरिक कथावाचन, समूह गायन, समूह नृत्य और शास्त्रीय नृत्य सहित विभिन्न विधाओं में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
विद्यालय की पंडवानी प्रस्तुति ने निर्णायकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। पारंपरिक कथावाचन की समूह श्रेणी में कक्षा 11वीं की छात्रा राजनंदिनी सिंह और छात्र विकास कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, शास्त्रीय नृत्य की एकल श्रेणी में कक्षा 9वीं की छात्रा डॉली साहू ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
पंडवानी प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति में नायिका सम्मान, धर्म, साहस और अटूट आस्था जैसे विषयों को लोककला के माध्यम से दर्शाया गया। इसकी विशेषता यह रही कि मुख्य कलाकार राजनंदिनी सिंह ने अपनी प्रस्तुति छत्तीसगढ़ की महान पंडवानी कलाकार पद्म विभूषण तीजन बाई को समर्पित की।
क्षेत्रीय कला उत्सव का आयोजन 7 और 8 अक्टूबर 2026 को जवाहर नवोदय विद्यालय, कटक, ओडिशा में किया गया था। यहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय की पंडवानी प्रस्तुति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और राष्ट्रीय स्तर के कला उत्सव 2026-27 के लिए चयनित हुई।
इस सफलता में कला शिक्षक मुकेश तिवारी का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। संगीत शिक्षक लोकेश कुमार कश्यप, संजीव कुमार सिंह, प्रभात सिंह सहित अन्य शिक्षकों के सहयोग और विद्यार्थियों की मेहनत ने इस उपलब्धि को संभव बनाया।
विद्यालय के प्राचार्य सी. एल. कश्यप ने विद्यार्थियों और मार्गदर्शक शिक्षकों को बधाई देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ भारतीय कला और सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विद्यालय परिवार ने विश्वास जताया कि विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला पंडवानी को व्यापक पहचान दिलाएंगे।

