पार्षद की पहल से 37 महीने बाद मिली वृद्धावस्था पेंशन चिरमिरी में 90 वर्षीय बसमतिया को मिली बड़ी राहत, खाते में आए 18,500 रुपये

पार्षद की पहल से 37 महीने बाद मिली वृद्धावस्था पेंशन

 

चिरमिरी में 90 वर्षीय बसमतिया को मिली बड़ी राहत, खाते में आए 18,500 रुपये

 

 

 

चिरमिरी। नगरपालिक निगम चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 34 में पार्षद राहुल भाई पटेल के प्रयासों से 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला बसमतिया को 37 महीने से लंबित वृद्धावस्था पेंशन की राशि मिल गई है। लंबे समय से पेंशन बंद होने के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही बसमतिया के बैंक खाते में अब एकमुश्त 18,500 रुपये की राशि पहुंची है।

 

बैंक खाते में नाम की त्रुटि बनी पेंशन बंद होने की वजह

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आमनाला निवासी बसमतिया की पेंशन बैंक खाते में नाम की वर्तनी में त्रुटि होने के कारण बंद हो गई थी। लंबे समय तक पेंशन नहीं मिलने से उन्हें दैनिक जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही थी। मामले की जानकारी मिलने पर वार्ड पार्षद राहुल भाई पटेल ने समस्या के समाधान के लिए पहल की।

 

आधार सुधार से लेकर नया बैंक खाता खुलवाने तक की पहल

 

पार्षद ने पहले बैंक पहुंचकर खाते में नाम संबंधी त्रुटि सुधारने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद आधार कार्ड में आवश्यक सुधार करवाया गया और नया बैंक खाता खुलवाने में सहयोग किया गया। साथ ही, पेंशन योजना में नए बैंक खाते का विवरण दर्ज कराने की प्रक्रिया भी पूरी कराई गई।

 

इन प्रयासों के बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कुरासिया शाखा के माध्यम से बसमतिया के खाते में 37 महीने की लंबित पेंशन के रूप में 18,500 रुपये प्राप्त हुए।

 

बैंक और निगम प्रशासन का मिला सहयोग

 

इस प्रक्रिया में बैंक के शाखा प्रबंधक अभिषेक कुमार का विशेष सहयोग रहा। वहीं, नगर निगम प्रशासन ने भी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने में सहयोग प्रदान किया। लंबे इंतजार के बाद पेंशन की राशि मिलने से बुजुर्ग महिला को राहत मिली है। बसमतिया ने सहायता के लिए पार्षद राहुल भाई पटेल के प्रति आभार व्यक्त किया। वार्डवासियों ने भी इस पहल की सराहना की।

 

पार्षद बोले— जरूरतमंदों की मदद प्राथमिकता

 

पार्षद राहुल भाई पटेल ने कहा कि बुजुर्गों, जरूरतमंदों और असहाय लोगों की समस्याओं का समाधान कराना उनकी प्राथमिकता है। शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। दस्तावेजों या तकनीकी त्रुटियों के कारण किसी भी पात्र बुजुर्ग को अपने अधिकार से वंचित नहीं रहना चाहिए।

 

वेब पोर्टल के लिए मुख्य बात: 37 महीने से रुकी पेंशन, दस्तावेजों में सुधार और नए बैंक खाते की प्रक्रिया के बाद 90 वर्षीय बसमतिया को एकमुश्त 18,500 रुपये मिले। यह मामला बताता है कि पेंशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए दस्तावेजी समस्याओं का समय पर समाधान कितना जरूरी है।

By: Nilesh Kumar Tiwari

On: Tuesday, October 13, 2026 2:03 PM

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