पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष पहल, तनाव प्रबंधन और नशामुक्ति के प्रति किया जागरूक
बैकुंठपुर। पुलिस की ड्यूटी में कार्य का दबाव, अनियमित दिनचर्या और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से कोरिया जिले में मनः जागृति अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर के चिकित्सकों ने पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यशाला में तनाव से निपटने, नशे से दूर रहने, मोबाइल की लत से बचने और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यशाला में जिला चिकित्सालय के चिकित्सा मनोवैज्ञानिक डॉ. सुमन कुमार और मनोचिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता पुलेंद्र मोहले ने पुलिसकर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार काम का दबाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां तनाव का कारण बन सकती हैं। ऐसे में नियमित योग, प्राणायाम, ध्यान, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और समय प्रबंधन को दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है।
कार्यशाला के दौरान मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बातचीत करने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। इस दौरान भारत सरकार की टेली-मानस मानसिक स्वास्थ्य सेवा की जानकारी देते हुए बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 पर संपर्क किया जा सकता है। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध है।
कार्यक्रम में खुली परिचर्चा के माध्यम से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को समझा। कार्यशाला का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को तनाव का प्रभावी प्रबंधन करने, नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक करना रहा।
पुलिस अधीक्षक श्री हरीश राठौर के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला में उप पुलिस अधीक्षक श्री श्याम मधुकर, रक्षित निरीक्षक श्री नीतीश आर. नायर सहित लगभग 55 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
मनः जागृति अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। समय पर समस्याओं को साझा करना, उचित परामर्श लेना और सकारात्मक जीवनशैली अपनाना बेहतर स्वास्थ्य के साथ-साथ कार्यक्षमता बढ़ाने में भी सहायक है।

