डीजीपी बनने के बाद पहली बार कोरिया पहुंचे अरुणदेव गौतम, बोले– ‘कोरिया मेरा पहला जिला, यहां आकर हुई बेहद प्रसन्नता'”
कोरिया। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुणदेव गौतम का डीजीपी बनने के बाद पहली बार कोरिया जिले का दौरा बेहद भावनात्मक और महत्वपूर्ण रहा। कोरिया जिले के प्रथम पुलिस अधीक्षक (एसपी) रह चुके अरुणदेव गौतम ने अपने पुराने कार्यक्षेत्र को याद करते हुए कहा कि “कोरिया मेरा पहला जिला रहा है। लंबे समय बाद यहां आकर मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है। जिले में इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।”
रक्षित केंद्र में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी ने जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं पुलिसिंग व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि आम जनता के बीच विश्वास कायम करना भी है। बेहतर पुलिसिंग के लिए जनसहयोग और पुलिस के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है।
हाल ही में चर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड पर डीजीपी अरुणदेव गौतम ने कहा कि कोरिया जैसे शांत जिले में इस प्रकार की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और जिले की प्रकृति के विपरीत है। उन्होंने बताया कि समीक्षा बैठक में अब तक की विवेचना की जानकारी ली गई है और जांच की प्रगति संतोषजनक है। यदि भविष्य में किसी प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप या नए तथ्य सामने आते हैं तो राज्य सरकार पहले ही इस मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा कर चुकी है।
डीजीपी ने कहा कि कोरिया हमेशा से शांतिप्रिय जिला रहा है और इसकी सामाजिक सौहार्दपूर्ण पहचान बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आम नागरिकों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि पुलिस हर स्थान पर हर समय मौजूद नहीं रह सकती। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जागरूकता, सतर्कता और सहभागिता ही जिले में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
डीजीपी के इस दौरे को कोरिया पुलिस के लिए मार्गदर्शन और जिले के साथ उनके भावनात्मक जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील, जवाबदेह और जनहित आधारित पुलिसिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।

