झीरम घाटी नरसंहार पर NIA कोर्ट के फैसले को कांग्रेस ने बताया “आधा-अधूरा न्याय”, कोरिया में उठाए जांच पर सवाल

झीरम घाटी नरसंहार पर NIA कोर्ट के फैसले को कांग्रेस ने बताया “आधा-अधूरा न्याय”, कोरिया में उठाए जांच पर सवाल

बैकुंठपुर/कोरिया, 06 सितम्बर 2026। झीरम घाटी नक्सली नरसंहार मामले में NIA कोर्ट के फैसले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी कोरिया ने बैकुंठपुर स्थित राजीव भवन में जिला स्तरीय पत्रकारवार्ता आयोजित की। कांग्रेस नेताओं ने अदालत के फैसले का सम्मान करते हुए कहा कि झीरम हत्याकांड के पीछे की पूरी साजिश और वास्तविक जिम्मेदारों का सच अब तक सामने नहीं आ सका है, इसलिए इसे “आधा-अधूरा न्याय” कहा जा सकता है।

 

जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने NIA की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के राजनीतिक षड्यंत्र से जुड़े पहलुओं की गंभीरता से जांच नहीं की गई। उन्होंने प्रारंभिक FIR में नामजद बड़े नक्सली नेताओं के नाम बाद की चार्जशीट से हटाए जाने पर भी सवाल खड़े किए।

 

कांग्रेस नेताओं ने झीरम मामले में वांछित रहे और बाद में आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख नक्सलियों से पूछताछ नहीं किए जाने को लेकर भी जवाब मांगा। पत्रकारवार्ता में परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था हटाए जाने, यात्रा का मार्ग बदले जाने, प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के बयान दर्ज नहीं किए जाने सहित महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच को लेकर भी सवाल उठाए गए।

 

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि झीरम नरसंहार की पूरी साजिश का सच आज भी सामने नहीं आया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि शहीदों और पीड़ित परिवारों को पूर्ण न्याय तभी मिलेगा, जब इस घटना के पीछे की पूरी साजिश और वास्तविक जिम्मेदारों की भूमिका जनता के सामने आए।

 

पत्रकारवार्ता में जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, पीसीसी सदस्य योगेश शुक्ला, प्रदेश महामंत्री वेदांती तिवारी, कोषाध्यक्ष अशोक जायसवाल, महामंत्री बृजवासी तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

By: Nilesh Kumar Tiwari

On: Sunday, September 6, 2026 4:33 PM

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