कलेक्टर रोक्तिमा यादव का राजस्व अमले को संदेश—फाइल नहीं, समाधान चाहिए

कलेक्टर रोक्तिमा यादव का राजस्व अमले को संदेश—फाइल नहीं, समाधान चाहिए

लंबित राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश, एग्रीस्टैक और डीसीएस सर्वे में तेजी लाने पर जोर

कोरिया। आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में लंबित राजस्व प्रकरणों, एग्रीस्टैक पंजीयन, डीसीएस सर्वे, स्वामित्व योजना, ई-कोर्ट में ऑनलाइन प्रविष्टि और पटवारियों के मैदानी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व कार्यालयों में केवल फाइलों का निपटारा नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नामांतरण और बंटवारा के विवादित मामलों में तेजी

समीक्षा के दौरान नामांतरण एवं बंटवारा के विवादित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने कहा कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए विवादित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिन मामलों में अधीनस्थ न्यायालय से रिकॉर्ड या प्रकरण अपीलीय न्यायालय भेजा जाना बाकी है, उन्हें तत्काल संबंधित अपीलीय न्यायालय को भेजा जाए, ताकि अनावश्यक देरी को रोका जा सके।

एग्रीस्टैक पंजीयन के लिए चलेगा अभियान

एग्रीस्टैक पंजीयन की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने शेष कार्य को अभियान चलाकर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित समीक्षा करने और पंजीयन प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होने देने को कहा।

वहीं डीसीएस यानी डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।

स्वामित्व योजना का अंतिम प्रकाशन माह के अंत तक

स्वामित्व योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में अंतिम प्रकाशन की कार्रवाई लंबित है, उन्हें माह के अंत तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।

ई-कोर्ट में दर्ज होंगे सभी राजस्व प्रकरण

राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को नियमित रूप से न्यायालय में बैठकर प्रकरणों की सुनवाई और निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जो प्रकरण अभी तक ऑनलाइन दर्ज नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए। इससे प्रकरणों की स्थिति में पारदर्शिता आएगी और उनकी नियमित मॉनिटरिंग भी संभव होगी।

अब पटवारियों के काम की होगी मैदानी निगरानी

बैठक में पटवारियों के मैदानी कार्यों की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने राजस्व निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में पटवारियों के कार्यों का नियमित मैदानी निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालय में बैठकर समीक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि मैदानी क्षेत्रों में पहुंचकर राजस्व कार्यों की वास्तविक स्थिति देखें और समय-सीमा में कार्य पूरा कराना सुनिश्चित करें।

राजस्व सेवा में संवेदनशीलता और सक्रियता जरूरी

कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आम नागरिकों से जुड़ा हुआ है। नामांतरण, बंटवारा, रिकॉर्ड सहित अन्य राजस्व प्रकरणों में देरी होने से लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ कार्य करते हुए नागरिकों को समय पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराएं।

उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, लंबित प्रकरणों में तेजी लाने और रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित संधारण के साथ ऑनलाइन प्रविष्टियां समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में एडीएम, अपर कलेक्टर, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षक उपस्थित रहे।

By: Nilesh Kumar Tiwari

On: Friday, August 21, 2026 4:46 PM

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