उम्र बढ़ती है, सम्मान नहीं घटता… कोरिया में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान का संदेश
सेवा संकल्प अभियान के तहत भव्य आयोजन, स्वास्थ्य जांच से लेकर अधिकारों की जानकारी तक हुई पहल
कोरिया/बैकुण्ठपुर।
जिन हाथों ने परिवार को संभाला, जिन अनुभवों ने समाज को दिशा दी और जिन संघर्षों ने आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता बनाया… उम्र के उस पड़ाव पर उन्हें जरूरत होती है सम्मान, अपनत्व और संवेदनशीलता की।
इसी सामाजिक सोच को मजबूत करने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर कोरिया जिले में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और कल्याण को समर्पित जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैकुण्ठपुर के शासकीय आदर्श रामानुज हायर सेकेंडरी स्कूल के मिनी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ।
सम्मान के साथ स्वास्थ्य और अधिकारों पर फोकस
कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया गया। साथ ही स्वास्थ्य जांच एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर के माध्यम से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी और सेवाओं से जोड़ा गया।
आयोजन में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, वित्तीय संरक्षण और कल्याण को लेकर भी जागरूकता कार्यक्रम हुआ। अधिकारियों ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों की जानकारी दी।
खेल के मैदान में दिखा बुजुर्गों का उत्साह
कार्यक्रम सिर्फ सम्मान और जागरूकता तक सीमित नहीं रहा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए अनुकूल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। उम्र के इस पड़ाव पर भी वरिष्ठ नागरिकों का उत्साह और सहभागिता आयोजन का खास आकर्षण रहा।
एक मंच पर कई विभाग, एक उद्देश्य—सेवा
सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न विभागों ने स्टॉल और गतिविधियों के माध्यम से शासन की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य जांच और जागरूकता गतिविधियां आयोजित कीं। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल साक्षरता, सड़क सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
नगरीय निकायों की ओर से अंगदान संकल्प अभियान और नशा-मुक्त भारत अभियान की जानकारी दी गई। इसके अलावा दिव्यांगजन सहयोग, वीरगाथा एवं सैनिक सम्मान और सैनिक कल्याण जैसे विषय भी कार्यक्रम का हिस्सा रहे।
वरिष्ठ नागरिक बोझ नहीं, अनुभव की धरोहर हैं
कार्यक्रम ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिया—
वरिष्ठ नागरिक केवल किसी परिवार के बुजुर्ग सदस्य नहीं, बल्कि समाज के अनुभव, ज्ञान और संस्कार की जीवंत धरोहर हैं।
बदलते सामाजिक परिवेश में जहां परिवार और जीवनशैली तेजी से बदल रही है, वहीं वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, संवाद और संवेदनशीलता को बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। उनका सम्मान केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि रोजमर्रा के व्यवहार का हिस्सा होना चाहिए।
कलेक्टर ने दिए समन्वय के निर्देश
कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रम आयोजित करने तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं और सेवाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर कोरिया में आयोजित यह कार्यक्रम वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान देने के साथ-साथ स्वास्थ्य, अधिकार, सुरक्षा और सरकारी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया।
सामाजिक संदेश
जिस पीढ़ी ने हमें चलना सिखाया, उसके कदमों को सहारा देना केवल संस्कार नहीं, हमारी जिम्मेदारी भी है।
वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किसी एक दिवस की औपचारिकता नहीं—यह एक संवेदनशील और सभ्य समाज की पहचान है।

